Tuesday, May 9, 2023

ये आँखें ही है जो बिन भाषा के सब जानती है,
ये आँखें ही है जो नफरतों को पहचानती है,
आँखें ना हो तो क्या जहाँ, क्या जहाँ की रौशनी,
आँखें ही सबसे हंसी, आँखों से ही तो है ज़िन्दगी.

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