Tuesday, May 9, 2023

हम भीगते हैं जिस तरह से तेरी यादों में डूबकर,
इस बारिश में कहाँ वो कशिश तेरे ख्यालों जैसी।
पहले बारिश होती थी तो याद आते थे,
अब जब याद आते हो तो बारिश होती है।

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